मुंगेली। जिले में आपातकालीन सेवाओं की तत्परता का एक सराहनीय उदाहरण सामने आया है। भोजराम पटेल के नेतृत्व में संचालित डायल-112 सेवा ने एक गर्भवती महिला और उसके पति की जान बचाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई। मुंगेली पुलिस की संवेदनशीलता, तत्परता और मानवीय पहल ने समय पर राहत पहुंचाकर संभावित गंभीर स्थिति को टाल दिया।
पुलिस विभाग से जारी प्रेस नोट के अनुसार, वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक भोजराम पटेल द्वारा जिले के डायल-112 में कार्यरत अधिकारी एवं कर्मचारियों को स्पष्ट निर्देश दिए गए हैं कि किसी भी आपात स्थिति की सूचना मिलते ही प्राथमिकता के आधार पर तत्काल घटनास्थल पर पहुंचकर आवश्यक सहायता उपलब्ध कराई जाए। साथ ही संबंधित थाना स्तर पर समस्याओं का त्वरित समाधान सुनिश्चित करने के निर्देश भी दिए गए हैं।
इन्हीं निर्देशों के परिपालन में अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक तथा डायल-112 की नोडल अधिकारी नवनीत कौर छाबड़ा एवं उप पुलिस अधीक्षक लोरमी हरविंदर सिंह के मार्गदर्शन में पुलिस टीम ने संवेदनशीलता का परिचय दिया।
जानकारी के अनुसार, 19 जून 2026 की सुबह करीब 10 बजे, लोरमी क्षेत्र अंतर्गत ग्राम धौंराभाठ से झाफल मार्ग पर लोरमी-मुंगेली मुख्य मार्ग स्थित झाफल तालाब के पास एक गर्भवती महिला और उसका पति सड़क दुर्घटना में घायल अवस्था में मिले। दोनों सड़क किनारे दर्द से कराह रहे थे। विशेष बात यह रही कि इस दौरान किसी प्रकार की औपचारिक सूचना या कॉल प्राप्त हुए बिना ही डायल-112 की टीम की नजर घायलों पर पड़ी।
मानवता और कर्तव्यनिष्ठा का परिचय देते हुए डायल-112 में तैनात आरक्षक धर्मेन्द्र यादव तथा वाहन चालक चंद्रकुमार जायसवाल ने बिना समय गंवाए दोनों घायलों को पुलिस वाहन में बैठाया और तत्काल 50-बिस्तर अस्पताल, लोरमी पहुंचाया। अस्पताल में डॉक्टरों द्वारा दोनों का प्राथमिक उपचार शुरू किया गया, जिससे समय रहते आवश्यक चिकित्सा सहायता उपलब्ध हो सकी।
पुलिस अधिकारियों ने बताया कि दुर्घटना की स्थिति को देखते हुए गर्भवती महिला को शीघ्र अस्पताल पहुंचाना अत्यंत आवश्यक था, क्योंकि थोड़ी भी देरी मां और गर्भस्थ शिशु दोनों के लिए गंभीर खतरा बन सकती थी। ऐसे समय में डायल-112 कर्मियों की सजगता और त्वरित निर्णय ने बड़ी राहत पहुंचाई।
इस मानवीय कार्य की वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक भोजराम पटेल ने सराहना की। उन्होंने कहा कि पुलिस का दायित्व केवल कानून व्यवस्था बनाए रखना ही नहीं, बल्कि संकट की घड़ी में आमजन की मदद करना भी है। डायल-112 टीम ने अपने व्यवहार और कार्यशैली से यह साबित किया है कि पुलिस सेवा का वास्तविक उद्देश्य जनसुरक्षा और जनसेवा है।
समय पर सहायता मिलने से गर्भवती महिला और उसके पति ने डायल-112 पुलिस टीम के प्रति आभार व्यक्त किया। उन्होंने कहा कि यदि समय पर मदद नहीं मिलती तो स्थिति और गंभीर हो सकती थी।
मुंगेली पुलिस ने आम नागरिकों से अपील की है कि किसी भी आपात स्थिति, दुर्घटना अथवा संकट की घड़ी में तुरंत डायल-112 पर संपर्क करें। पुलिस ने भरोसा दिलाया कि आपकी एक कॉल न केवल आपकी, बल्कि किसी अन्य जरूरतमंद की जान बचाने में भी मददगार साबित हो सकती है। यह घटना एक बार फिर साबित करती है कि संवेदनशील पुलिसिंग समाज में विश्वास और सुरक्षा की मजबूत नींव तैयार करती है।

The News Related To The News Engaged In The Samvad Chhattisgarh Web Portal Is Related To The News Correspondents The Editor Does Not Necessarily Agree With These Reports The Correspondent Himself Will Be Responsible For The News.
