• ग्राम रामगढ़ व अमलीडीह पहुंचकर योजनाओं की जमीनी हकीकत का लिया जायजा, ग्रामीणों से किया संवाद
Mungeli । आयुक्त सह संचालक तारन प्रकाश सिन्हा ने कलेक्टर कुन्दन कुमार के साथ जिले के विभिन्न ग्रामों का भ्रमण कर शासन की योजनाओं की प्रगति एवं क्रियान्वयन की जमीनी स्थिति का निरीक्षण किया। इस दौरान उन्होंने ग्रामीणों के बीच चौपाल लगाकर ‘वीबी जी राम जी’ के प्रावधानों के संबंध में चर्चा कर विभिन्न जानकारियों से अवगत कराया। उन्होंने कहा कि यह योजना देश के ग्रामीण परिवारों के लिए ऐतिहासिक कदम है। इस योजना से बेहतर आजीविका के साथ ग्रामीण भारत का आर्थिक सशक्तिकरण सुनिश्चित होगा।
आयुक्त श्री सिन्हा ने ग्राम रामगढ़ एवं अमलीडीह पहुंचकर आजीविका संवर्धन, निर्माण कार्यों, महिला समूहों की गतिविधियों तथा आंगनबाड़ी केंद्रों में दी जा रही सुविधाओं का बारीकी से अवलोकन किया। निरीक्षण की शुरुआत ग्राम रामगढ़ से हुई, श्री सिन्हा ने आजीविका डबरी निर्माण कार्य का निरीक्षण किया और आजीविका डबरी निर्माण कार्य को प्रोत्साहित किया। उन्होंने आवास चौपाल लगाकर हितग्राहियों से चर्चा की। इस दौरान हितग्राही रामकुमार यादव से चर्चा कर उनकी आय के स्रोतों की जानकारी ली। हितग्राही ने बताया कि डबरी निर्माण के पश्चात मछली पालन एवं अरहर की खेती से उन्हें उल्लेखनीय लाभ हुआ है। श्री यादव ने बताया कि मछली विक्रय से 40 हजार रुपए तथा अरहर फसल से 20 हजार रुपए की आमदनी हुई है, जिससे उनकी आर्थिक स्थिति में सकारात्मक परिवर्तन आया है। इसके पश्चात ग्राम रामगढ़ में अमृत सरोवर योजना अंतर्गत महामाया महिला समूह द्वारा किए जा रहे मछली पालन कार्य का अवलोकन किया गया। समूह की महिलाओं ने बताया कि लगभग साढ़े तीन एकड़ क्षेत्र में मछली पालन कर प्रतिवर्ष करीब 03 लाख रुपए की आय अर्जित की जा रही है। इस उपलब्धि के लिए समूह की महिलाओं ने मुख्यमंत्री विष्णु देव साय एवं जिला प्रशासन के प्रति आभार व्यक्त किया। निरीक्षण के दौरान ग्राम रामगढ़ में आवास चौपाल का आयोजन भी किया गया, जहां आयुक्त श्री सिन्हा ने ग्रामीणों के साथ बैठकर प्रधानमंत्री आवास योजना सहित अन्य जनकल्याणकारी योजनाओं की जानकारी ली। उन्होंने ग्रामीणों से संवाद कर योजनाओं से जुड़ी समस्याएं, सुझाव एवं अनुभव सुने। इसके बाद आयुक्त सह संचालक ग्राम अमलीडीह पहुंचे, जहां उन्होंने निर्माणाधीन आंगनबाड़ी भवन का निरीक्षण किया। भवन निर्माण की गुणवत्ता देखकर श्री सिन्हा अत्यंत प्रसन्न नजर आए। उन्होंने आंगनबाड़ी केंद्र में बच्चों से मुलाकात कर उन्हें दिए जा रहे भोजन की गुणवत्ता की जानकारी ली तथा बच्चों को चॉकलेट वितरित कर पढ़ाई एवं खेल कूद के प्रति प्रोत्साहित किया। निरीक्षण के दौरान श्री सिन्हा ने स्पष्ट शब्दों में कहा कि शासन की योजनाओं में किसी भी प्रकार की लापरवाही या उदासीनता बर्दाश्त नहीं की जाएगी। निर्माण कार्यों की गुणवत्ता से कोई समझौता नहीं किया जाएगा। यदि किसी अधिकारी या कर्मचारी द्वारा कार्य में लापरवाही पाई जाती है तो उनके विरुद्ध सख्त कार्रवाई की जाएगी। चौपाल में उपस्थित ग्रामीणों को संबोधित करते हुए उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री आवास योजना के साथ-साथ मनरेगा के माध्यम से छोटे व्यवसायों के लिए कार्य स्वीकृत कराए जा सकते हैं। इसके अंतर्गत पशुपालन शेड, डबरी निर्माण, कुआं निर्माण, वृक्षारोपण जैसे कार्य शामिल हैं, जिनसे ग्रामीण अपनी आय बढ़ा सकते हैं। चर्चा के दौरान जनमन आवास योजना, शौचालय निर्माण, महिला स्व-सहायता समूहों से जुड़कर आजीविका संवर्धन, मछली पालन, शूकर पालन एवं पशुधन आधारित व्यवसायों के माध्यम से आमदनी बढ़ाने के उपायों पर विस्तृत जानकारी दी गई। महिला समूहों द्वारा सेंट्रिक प्लेट व्यवसाय के माध्यम से 10 हजार रुपए से अधिक का व्यापार किए जाने की जानकारी भी दी गई, जिससे ग्रामीणों को कम दर पर निर्माण सामग्री उपलब्ध कराई जा रही है।
श्री सिन्हा ने कहा कि शासन की योजनाओं का लाभ अंतिम व्यक्ति तक पहुंचे और ग्रामीण आत्मनिर्भर बनें। निरीक्षण के दौरान जिला पंचायत सीईओ प्रभाकर पांडेय सहित संबंधित विभागों के अधिकारी एवं कर्मचारी उपस्थित रहे।
